March 30, 2026

टर्नओवर छिपाने का मामला 500 करोड़ तक पहुंचने की आशंका

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टर्नओवर छिपाने का मामला 500 करोड़ तक पहुंचने की आशंका

टर्नओवर छिपाने का मामला 500 करोड़ तक पहुंचने की आशंका

चंडीगढ़, 30 मार्च। पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां पंजाब के हॉस्पिटैलिटी (खाद्य एवं पेय व्यवसाय) क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने के एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए ढाबों, खाने-पीने के स्थानों, रेस्टोरेंट्स और फास्ट-फूड आउटलेट्स में गहरी जड़ें जमा चुकी और व्यवस्थित तरीके से आय कम दिखाने की प्रवृत्ति का पर्दाफाश किया। 

वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा के लिए तकनीक-आधारित सख्त कार्रवाई शुरू की, जिसके तहत 882 संस्थानों को जांच के घेरे में लिया गया और अब तक 2.02 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और अधिक डेटा के विश्लेषण से टर्नओवर छिपाने का यह मामला लगभग 500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

इस बात का उल्लेख करते हुए कि मोहाली, जालंधर और लुधियाना जैसे प्रमुख शहरी केंद्र टैक्स चोरी के मुख्य गढ़ के रूप में उभरे हैं, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जोर देकर कहा कि अधिक नकदी और हाइब्रिड भुगतान (नकद और डिजिटल दोनों) वाले क्षेत्र इस धोखाधड़ी के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स, टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट और स्टेट इंटेलिजेंस एवं प्रिवेंटिव यूनिट (सिपू) से प्राप्त जानकारी तथा ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ योजना की सफलता के आधार पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य के राजस्व की सुरक्षा के लिए तकनीक का पूरा उपयोग सुनिश्चित करते हुए हर उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “होटल, ढाबे, खाने-पीने के स्थान, बेकरी, मिठाई की दुकानें, रेस्टोरेंट्स, कैटरिंग सेवाएं और ऐसे अन्य संस्थानों को कवर करने वाले एक व्यापक, राज्य स्तरीय और डेटा-आधारित अभियान के माध्यम से हमने वित्त वर्ष 2025-26 से संबंधित कुल 882 संस्थानों की पहचान की है।”

वित्त मंत्री ने आगे कहा, “अधिक विश्लेषण और वित्त वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 से संबंधित डेटा को शामिल करने के साथ टर्नओवर छिपाने का कुल आकार लगभग 500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।”

चल रही जांच के परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “अब तक की गई प्रारंभिक जांच में 239 मामलों की जांच की गई है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 50 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने का पता चला है।” उन्होंने आगे कहा, “इसमें 5 प्रतिशत की दर से 2.54 करोड़ रुपये का टैक्स शामिल है और हमारे विभाग ने अब तक 2.02 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित की है, जबकि शेष वसूली की प्रक्रिया जारी है।”

इन अनियमितताओं के स्तर को उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “हमने 3 करदाताओं द्वारा 2 करोड़ रुपये से अधिक, 6 द्वारा 1 करोड़ रुपये से अधिक, 18 द्वारा 50 लाख रुपये से अधिक, 26 करदाताओं द्वारा 25 लाख रुपये से अधिक और 91 करदाताओं द्वारा 5 लाख रुपये से अधिक का टर्नओवर छिपाने का पता लगाया है।”
क्षेत्र-विशेष रुझानों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “हमारे आगे के विश्लेषण से यह सामने आया है कि अधिक नकदी और हाइब्रिड भुगतान वाले क्षेत्रों में व्यवस्थित रूप से आय कम दिखाने का पैटर्न मौजूद है।” उन्होंने आगे कहा, “आय छिपाने में ढाबों का हिस्सा लगभग 10 करोड़ रुपये है, इसके बाद छोटे खाने-पीने के स्थानों, कॉफी और चाय बार का हिस्सा लगभग 8 करोड़ रुपये और पिज्जा एवं फास्ट-फूड आउटलेट्स का हिस्सा 6 करोड़ रुपये से अधिक है।”

जिलावार विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “मोहाली में सबसे अधिक 8.16 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने का मामला सामने आया है, इसके बाद जालंधर में 6.72 करोड़ रुपये और लुधियाना में 5.48 करोड़ रुपये सामने आए हैं, जो कि पकड़ी गई टैक्स चोरी में मुख्य योगदान देने वाले जिले हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पटियाला और अमृतसर में तुलनात्मक रूप से कम अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें क्रमशः 3.83 करोड़ रुपये और 0.99 करोड़ रुपये की चोरी पकड़ी गई है।

इस कार्रवाई के पीछे अपनाई गई कार्यप्रणाली की व्याख्या करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट द्वारा व्यावसायिक डेटा की गहन जांच के दौरान यह पाया गया कि ऐसे संस्थानों की बड़ी संख्या ऑनलाइन बिलिंग एप्लिकेशन का उपयोग कर रही थी।” उन्होंने आगे कहा, “मैं टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट, स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट तथा हमारी ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ योजना की शानदार सफलता को इस बड़े स्तर की टैक्स चोरी पकड़ने का पूरा श्रेय देता हूं।”

उन्होंने आगे विस्तार से कहा, “जोखिम मानकों, डेटा एनालिटिक्स और जीएसटी रिटर्न के साथ तुलनात्मक विश्लेषण के आधार पर हमने टर्नओवर छिपाने की संभावित घटनाओं की पहचान की। हमने संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को लेन-देन का विस्तृत डेटा प्रदान करने के निर्देश दिए, जिसका उपयोग अब फील्ड टीमें जमीनी जांच और रिटर्न के मिलान के लिए कर रही हैं।”
संतुलित कार्रवाई पर जोर देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यह ध्यान देने योग्य है कि 52 संस्थानों में कोई अनियमितता नहीं पाई गई, जो डेटा-आधारित चयन पर आधारित संतुलित प्रवर्तन और जांच को दर्शाता है।”

आगे की कार्रवाई की रूपरेखा बताते हुए उन्होंने कहा, “शेष मामलों की सक्रिय रूप से जांच और गहन पड़ताल की जा रही है और उम्मीद है कि जांच एवं वसूली की पूरी प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “जांच को और मजबूत करने के लिए विभाग यूपीआई लेन-देन और अन्य डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया में है, जिससे रिपोर्ट किए गए टर्नओवर और वास्तविक प्राप्तियों के बीच गहन मिलान संभव होगा और टैक्स चोरी पकड़ने की सटीकता बढ़ेगी।”

उल्लंघन करने वालों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “भगवंत मान सरकार कर अनुपालन सुनिश्चित करने और राज्य के राजस्व की सुरक्षा के लिए तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और समन्वित फील्ड प्रवर्तन का पूरा उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

 उन्होंने जोर देकर कहा, “कर चोरी के सभी मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि कर नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को सुविधाएं मिलती रहेंगी।”

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