May 30, 2026

इंडो-रशियन एजुकेशन समिट में वैश्विक शिक्षा और करियर संभावनाओं पर हुई चर्चा

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इंडो-रशियन एजुकेशन समिट में वैश्विक शिक्षा और करियर संभावनाओं पर हुई चर्चा

इंडो-रशियन एजुकेशन समिट में वैश्विक शिक्षा और करियर संभावनाओं पर हुई चर्चा

नई दिल्ली, 29 मई। द्वितीय इंडो-रशियन एजुकेशन समिट 2026 (IRES 2026) के दूसरे दिन छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और अकादमिक काउंसलर्स की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। समिट के दौरान प्रतिभागियों को प्रमुख रूसी विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसरों से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान किया गया।

रूस एजुकेशन द्वारा Rossotrudnichestvo, भारत में रूसी संघ के दूतावास तथा रूसी हाउस, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस समिट के दूसरे दिन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को रूसी विश्वविद्यालयों, अकादमिक विशेषज्ञों और शिक्षा जगत के नेताओं से जोड़ना था।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “रूसी विश्वविद्यालय प्रदर्शनी” रही, जिसमें 100 से अधिक विश्वविद्यालयों और 200 से अधिक विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस प्रदर्शनी ने छात्रों और अभिभावकों को विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करने तथा शैक्षणिक पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति, आवास सुविधाओं, वीज़ा सहायता, छात्र जीवन और भविष्य के करियर अवसरों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का मंच प्रदान किया।

प्रदर्शनी में मेडिसिन, डेंटिस्ट्री, इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एविएशन, सूचना प्रौद्योगिकी, मैनेजमेंट, कृषि, वेटरनरी साइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी, ह्यूमैनिटीज, इंटरनेशनल रिलेशंस और रूसी भाषा अध्ययन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को प्रदर्शित किया गया।

पूरे दिन के दौरान 1,500 से अधिक छात्रों और अभिभावकों ने विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों और शिक्षा विशेषज्ञों के साथ व्यक्तिगत काउंसलिंग सत्रों और इंटरैक्टिव चर्चाओं में भाग लिया। इन चर्चाओं के माध्यम से छात्रों को विभिन्न विश्वविद्यालयों की तुलना करने, पात्रता मानदंड समझने, छात्रवृत्ति के अवसरों की जानकारी प्राप्त करने और अपने शैक्षणिक भविष्य के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने रूस में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाया।ॉ

अभिभावकों ने भी विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों से सक्रिय रूप से संवाद कर छात्र सहायता सेवाओं, कैंपस सुविधाओं, आवास व्यवस्था, सुरक्षा उपायों और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए उपलब्ध करियर अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त की। समिट के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रमुख रूसी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रियाएँ प्रारंभ एवं पूर्ण कीं, जिससे यह कार्यक्रम शैक्षणिक निर्णय और भविष्य के अवसरों के लिए अत्यंत उपयोगी मंच साबित हुआ।

छात्र सहभागिता के अलावा, समिट ने भारतीय और रूसी शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने हेतु संस्थागत चर्चाओं और अकादमिक संवाद को भी बढ़ावा दिया। प्रतिनिधियों ने अकादमिक एक्सचेंज, रिसर्च सहयोग, छात्र गतिशीलता और भविष्य की शैक्षणिक साझेदारियों पर विचार-विमर्श किया।

समिट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए रूस एजुकेशन के टेक्निकल एडवाइजर एयर मार्शल (डॉ.) पवन कपूर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि भारत और रूस के बीच 70 वर्षों से अधिक समय से विश्वासपूर्ण साझेदारी रही है, जो रक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर आधारित है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सहयोग छात्रों के लिए सार्थक अवसर उत्पन्न कर रहा है और यह द्विपक्षीय संबंधों के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक है।

भारत में Rossotrudnichestvo के प्रतिनिधि कार्यालय की प्रमुख डॉ. एलेना रेमी जोवा ने समिट में भाग लेने वाले भारतीय और रूसी विश्वविद्यालयों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारत और रूस के बीच मजबूत सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस भारतीय छात्रों के लिए विविध शैक्षणिक और शोध अवसर उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि IRES जैसी पहलें शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ छात्रों के विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय करियर के नए मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।मारी स्टेट यूनिवर्सिटी के रेक्टर प्रो. मिखाइल एन. श्वेत्सोव ने कहा कि रूसी विश्वविद्यालय भारतीय छात्रों का स्वागत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अवसंरचना, शोध अवसरों और सहयोगपूर्ण शिक्षण वातावरण के माध्यम से लगातार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडो-रशियन एजुकेशन समिट जैसी पहलें छात्रों को विश्वविद्यालयों से सीधे जोड़ती हैं और उन्हें अपने शैक्षणिक भविष्य के संबंध में सूचित निर्णय लेने में सहायता करती हैं।

समिट के दूसरे दिन ने छात्र-विश्वविद्यालय संवाद के महत्व को पुनः स्थापित किया और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसरों की बढ़ती मांग को उजागर किया। छात्रों, अभिभावकों, विश्वविद्यालयों और शिक्षा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर IRES 2026 ने शैक्षणिक खोज, सूचित निर्णय और सार्थक अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए एक सशक्त वातावरण तैयार किया।

रूस एजुकेशन भारत की विश्वसनीय शिक्षा परामर्श संस्थाओं में से एक है, जिसके पास रूसी संघ में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों का मार्गदर्शन करने का 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है। विश्वविद्यालय साझेदारियों, प्रवेश मार्गदर्शन, छात्र सहायता सेवाओं और विभिन्न अकादमिक पहलों के माध्यम से रूस एजुकेशन गुणवत्तापूर्ण अंतरराष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने और भारत-रूस शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

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