September 20, 2026

पंजाब पुलिस ने एसएफजे के तीन गुर्गों को किया काबू

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पंजाब पुलिस ने एसएफजे के तीन गुर्गों को किया काबू

पंजाब पुलिस ने एसएफजे के तीन गुर्गों को किया काबू

बठिंडा, 14 मई। काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) बठिंडा और बठिंडा पुलिस ने साझे आपरेशन के दौरान सिख फार जस्टिस (एसएफजे) के तीन गुर्गों को पंजाब में बठिंडा और दिल्ली की अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर खालिस्तान पक्षीय नारे लिखने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दी।

उल्लेखनीय है कि एसएएफजे – जो मास्टर माइंड गुरपतवंत सिंह पन्नू की हिमायत प्राप्त है- को भारत सरकार द्वारा गैर-कानूनी संगठन के तौर पर मनोनीत किया गया है। हाल ही में 24 अप्रैल को बठिंडा के ज़िला प्रशासनिक कॉम्पलेक्स और कोर्ट परिसर की दीवारों पर खालिस्तान पक्षीय नारे लिखे हुए पाए गए थे, जिससे कुछ दिनों बाद 9 मई को दिल्ली के झंडेवाल मेट्रो स्टेशन और करोल बाग़ मेट्रो स्टेशन पर भी ऐसे ही नारे लिखे हुए पाए गए थे। 

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोगी सिंह निवासी गांव जीवन सिंह वाला, बठिंडा और जौनी निवासी गांव जिओण सिंह वाला, तलवंडी साबो के तौर पर हुई है, जबकि तीसरा आरोपी सकी पहचान पहचान प्रितपाल सिंह निवासी गांव डोड, फरीदकोट के तौर पर हुई है, को बठिंडा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। प्रितपाल को जी- 20 के दौरान दिल्ली मेट्रो और बठिंडा थर्मल प्लांट पर नारे लिखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

यादव ने कहा कि गोगी सिंह, जोकि एसएफजे का मुख्य संचालक है, गुरपतवंत सिंह पन्नू के सीधे संपर्क में था और उसने पन्नू के निर्देशों पर पैसों के बदले इस कार्यवाही को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने दीवारों पर लिखे नारों की फोटो/ वीडियो भी पन्नू के साथ साझा की थीं। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस टीमों ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन, दो डोंगल, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड भी बरामद किया है। 

उन्होंने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए काउंटर इंटेलिजेंस बठिंडा और बठिंडा पुलिस ने सांझे तौर पर पेशेवर और वैज्ञानिक ढंग से जांच की। 

एसएसपी बठिंडा दीपक पारिक ने बताया कि तकनीकी ढंग के साथ कार्यवाही करते हुये बठिंडा पुलिस ने आरोपी जौनी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद जौनी ने खुलासा किया कि बठिंडा में अलग-अलग स्थानों पर नारे लिखने की कोशिश के समय वह गोगी के साथ थी। 

उन्होंने बताया कि मुलजिम जौनी के खुलासे के बाद बठिंडा पुलिस और सीआइ बठिंडा ने विशेष मुहिम चला कर गोगी सिंह को गिरफ़्तार कर लिया। 

एआईजी सीआइ बठिंडा अवनीत कौर सिद्धू ने बताया कि आबकारी एक्ट के तहत  बठिंडा पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किए गए आरोपी गोगी की बठिंडा जेल में प्रितपाल सिंह के साथ मुलाकात हुई थी और जेल से बाहर आने के बाद वह उसके संपर्क में रहा। उन्होंने बताया कि आरोपी प्रितपाल ने गोगी की जान-पहचान गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथ करवाई, जिसने गोगी को खालिस्तान पक्षीय नारे लिखने का काम सौंपा और उसको मुक्तसर कोटकपूरा रोड पर छिपाए गये 50000 रुपए लेने के लिए कहा।

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