February 4, 2026

वित्त मंत्री चीमा बोले—नई कानून व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण को करेगी मजबूत

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वित्त मंत्री चीमा बोले—नई कानून व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण को करेगी मजबूत

वित्त मंत्री चीमा बोले—नई कानून व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण को करेगी मजबूत

चंडीगढ़, 3 दिसंबर। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि पंजाब के वित्त विभाग ने ‘द पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 2025’ (पंजाब वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 2025) बनाने से संबंधित वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

यह घोषणा करते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक प्रेस बयान में कहा कि यह अधिनियम शहरी हरियाली और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पेड़ों की सुरक्षा के प्रति राज्य की विधायी प्रतिबद्धता को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस मसौदे में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई के लिए कड़े प्रावधान और भारी जुर्माने शामिल हैं, जिससे पर्यावरण क्षरण का मुकाबला करने के लिए राज्य के प्रयास और मजबूत होंगे।

वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि वित्त विभाग ने ‘द पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 2025’ के प्रस्ताव की विस्तृत समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल शहरी हरियाली की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को औपचारिक रूप देता है, बल्कि वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसे लागू करने से राज्य के खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

बिल के वित्तीय पहलुओं को उजागर करते हुए, वित्त मंत्री ने बताया कि यह अधिनियम जुर्मानों के माध्यम से एक विशेष फंड स्थापित करने के लिए तैयार किया गया है। यह फंड रणनीतिक रूप से केवल शहरी क्षेत्रों में हरियाली परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे पूरे पंजाब में पर्यावरण संरक्षण और विकास के लिए एक आत्मनिर्भर प्रणाली स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पेड़ संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वित्त विभाग द्वारा इस अधिनियम को तुरंत मंज़ूरी देना राज्य सरकार की पर्यावरण और विधिक जिम्मेदारियों को पूरा करने की समर्पण भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ‘द पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 2025’ अब आवश्यक विधायी प्रक्रिया से गुजरेगा, जिससे इसे कैबिनेट और विधान सभा के समक्ष प्रस्तुत करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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